Siyar Aur Memna: Aesop's Fable

सियार और मेमना: ईसप की कहानी

एक जंगल में एक बकरी और उसका प्यारा सा बच्चा मेमना रहते थे. एक दिन जब बकरी जंगल में घास चरने जा रही थी तो उसने अपने बच्चे को समझाते हुए कहा –
“बेटा, दरवाजा अच्छे से बंद रखना, और कोई भी आए, तो दरवाजा नहीं खोलना और जब तक मैं वापस न आ जाऊँ, बाहर नहीं निकलना.”

पास ही में एक सियार घात लगाए हुए बैठा था. उसने जब बकरी की यह बात सुनी, तो उसे एक विचार सूझा. जब बकरी चली गई तो वह थोड़ा और पास आया और बकरी की आवाज निकाल कर मेमना को आवाज दी. वह बकरी की आवाज निकाल कर मेमना को बुद्धू बनाकर उसका शिकार करना चाहता था.
मेमना को कुछ शक हुआ. उसे अपनी माँ की नसीहत याद आई. उसने खिड़की की झिर्री से सावधानी से झांका तो देखा कि एक सियार लार टपकाते हुए खड़ा है.
मेमना के दिमाग की बत्ती जली. उसने भी बकरी की आवाज निकाली और सियार को डांटा – भाग जा सियार, मैं सब समझती हूँ तुम्हारी चालाकी.
सियार को समझ नहीं आया कि अभी तो उसने बकरी को जंगल में जाते देखा था, वो भीतर कैसे चली आई. वह डर कर भाग गया.

शिक्षा -
बहुत सी मुसीबतें असावधानी और माता-पिता की बातों को न मानने से आती हैं. यदि सावधानी रखी जाए और माता-पिता की बातों को मानें तो समस्याओं को दूर रखा जा सकता है.

 
 
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